POSH अधिनियम, 2013, धारा-दर-धारा सरल हिंदी में
POSH अधिनियम का पूरा नाम है महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013)। यह कार्यस्थल पर महिलाओं को लैंगिक उत्पीड़न से बचाता है। हर नियोक्ता को शिकायतें सुनने के लिए एक आंतरिक समिति (Internal Committee) बनानी होती है। यह अधिनियम संख्या 14, वर्ष 2013 है।
इसे 22 अप्रैल 2013 को अधिनियमित किया गया (यह राष्ट्रपति की स्वीकृति की तिथि है) और यह 9 दिसंबर 2013 से लागू है। इसमें 8 अध्यायों में 30 धाराएं हैं।
लेखक: मनस् संपादकीय टीम (Manas Editorial Team) · अंतिम जांच: · आधिकारिक पाठ से मिलान किया गया · English version
अधिनियम खुद क्या कहता है?
दीर्घ शीर्षक और धारा 1, India Code से शब्दशः (अंग्रेज़ी में, जैसा छपा है)। हमारी टिप्पणियां इसके नीचे हैं।
POSH अधिनियम का सरल शब्दों में क्या मतलब है?
अधिनियम का एक ही लक्ष्य है: कार्यस्थल पर किसी भी महिला को लैंगिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। धारा 3(1) यही एक पंक्ति में कहती है। इसके बाद अधिनियम शिकायत करने का रास्ता, जांच करने वाली समिति और नियोक्ता की ज़िम्मेदारियां तय करता है।
यह लगभग हर कार्यस्थल पर लागू है। इसमें निजी कंपनियां, ट्रस्ट, NGO, अस्पताल, स्कूल और दुकानें आती हैं। काम के सिलसिले में कर्मचारी जिस भी जगह जाती है, वह भी कार्यस्थल है (धारा 2(o))। “कर्मचारी” की परिभाषा भी व्यापक है। इसमें संविदा कर्मी, प्रशिक्षु, अपरेंटिस और स्वयंसेवक शामिल हैं, चाहे उन्हें पैसा मिले या नहीं (धारा 2(f))। शब्दों के अर्थ के लिए देखें POSH शब्दावली (English)।
समितियां दो हैं। हर नियोक्ता एक आंतरिक समिति (Internal Committee) बनाता है (धारा 4)। हर ज़िले में एक स्थानीय समिति (Local Committee) होती है (धारा 6)। वह उन जगहों की शिकायतें लेती है जहां दस से कम कामगार हैं, और नियोक्ता के विरुद्ध शिकायतें भी।
शिकायत का रास्ता कुछ यूं है। महिला तीन महीने के भीतर शिकायत करती है। समिति चाहे तो समझौते में मदद कर सकती है, पर पैसे के आधार पर कभी नहीं। नहीं तो वह जांच करती है और 90 दिन में पूरी करती है। रिपोर्ट 10 दिन में देती है। नियोक्ता 60 दिन में कार्रवाई करता है। दोनों में से कोई भी पक्ष 90 दिन में अपील कर सकता है।
किस अध्याय में क्या है?
| अध्याय I | प्रारंभिक (Preliminary)धारा 1 से 3: शीर्षक, परिभाषाएं, निवारण |
|---|---|
| अध्याय II | आंतरिक शिकायत समिति का गठन (Constitution of Internal Complaints Committee)धारा 4: धारा 4 पर हमारे नोट्स |
| अध्याय III | स्थानीय शिकायत समिति का गठन (Constitution of Local Complaints Committee)धारा 5 से 8 |
| अध्याय IV | शिकायत (Complaint)धारा 9 से 11 |
| अध्याय V | शिकायत की जांच (Inquiry into complaint)धारा 12 से 18 |
| अध्याय VI | नियोक्ता के कर्तव्य (Duties of employer)धारा 19 |
| अध्याय VII | ज़िला अधिकारी के कर्तव्य और शक्तियां (Duties and powers of District Officer)धारा 20 |
| अध्याय VIII | प्रकीर्ण (Miscellaneous)धारा 21 से 30: धारा 21, धारा 22; दंड धारा 26 में |
इस पुस्तकालय में अभी कौन से पेज हैं?
इनमें से कुछ पेज हिंदी में हैं; बाकी अभी अंग्रेज़ी में हैं।
- धारा 4: आंतरिक समिति में कौन बैठता है
- धारा 21: समिति की वार्षिक रिपोर्ट
- धारा 22: नियोक्ता की वार्षिक रिपोर्ट में POSH मामले
- POSH नियम, 2013: वार्षिक रिपोर्ट में क्या होना चाहिए
- POSH शब्दावली (English)
- आंतरिक समिति FAQ: समिति सदस्य क्या पूछते हैं (English)
समिति सदस्यों और HR के लिए आंतरिक समिति FAQ (English) में किसी मामले को चलाने से जुड़े 15 सवालों के जवाब हैं।
अधिनियम के तहत हर नियोक्ता को क्या करना होता है?
- लिखित आदेश से आंतरिक समिति (Internal Committee) बनाएं, और अलग-अलग स्थानों के हर कार्यालय या इकाई में भी (धारा 4(1))।
- एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी को पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) बनाएं, कम से कम दो कर्मचारी सदस्य और एक बाहरी सदस्य रखें (धारा 4(2))।
- लैंगिक उत्पीड़न के दंडात्मक परिणाम और समिति गठन का आदेश ऐसी जगह लगाएं जहां सबको दिखे (धारा 19(b))।
- कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और समिति सदस्यों के लिए अभिविन्यास (orientation) कार्यक्रम नियमित अंतराल पर कराएं (धारा 19(c))।
- लैंगिक उत्पीड़न को अपने सेवा नियमों के तहत कदाचार मानें (धारा 19(i))।
- समिति की सिफ़ारिशों पर 60 दिन के भीतर कार्रवाई करें (धारा 13(4))।
- सुनिश्चित करें कि समिति की वार्षिक रिपोर्ट समय पर जमा हो (धारा 19(j) और धारा 21)।
- अपनी वार्षिक रिपोर्ट में मामलों की संख्या और उनका निपटारा बताएं (धारा 22)।
अधिनियम में कौन सी समय-सीमाएं और दंड तय हैं?
| शिकायत | घटना से 3 महीने के भीतर, या एक से अधिक घटनाओं में आखिरी घटना सेधारा 9(1); समिति लिखित कारण दर्ज करके इसे 3 महीने तक और बढ़ा सकती है। |
|---|---|
| जांच | 90 दिन के भीतर पूरी होनी चाहिएधारा 11(4) |
| जांच रिपोर्ट | जांच पूरी होने के 10 दिन के भीतरधारा 13(1) |
| नियोक्ता की कार्रवाई | सिफ़ारिश मिलने के 60 दिन के भीतरधारा 13(4) |
| अपील | सिफ़ारिशों के 90 दिन के भीतरधारा 18(2) |
| जांच के दौरान अवकाश | महिला के लिखित अनुरोध पर अधिकतम 3 महीनेधारा 12(1)(b) |
| समिति का कार्यकाल | अधिकतम 3 वर्षधारा 4(3) |
| समिति में महिलाएं | कम से कम आधीधारा 4(2), परंतुक |
| स्थानीय समिति | 10 से कम कर्मचारियों वाली जगहों के लिएधारा 6(1); धारा 4(1) में खुद कोई संख्या तय नहीं है। |
| दंड | अधिकतम ₹50,000 का जुर्मानाधारा 26(1) |
| दोबारा अपराध | दोगुना दंड, और लाइसेंस या पंजीकरण रद्द होना, स्वीकृति वापस ली जाना या उसका नवीनीकरण न होनाधारा 26(2) |
अदालतों ने अधिनियम के बारे में क्या कहा है?
विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (Vishaka v. State of Rajasthan), 1997
इस अधिनियम से पहले सर्वोच्च न्यायालय ने कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न के लिए दिशानिर्देश तय किए थे। उसने कहा था: “These directions would be binding and enforceable in law until suitable legislation is enacted to occupy the field.” (यानी जब तक इस क्षेत्र के लिए उपयुक्त कानून नहीं बनता, ये निर्देश बाध्यकारी और कानूनन लागू होंगे)। 2013 का अधिनियम वही कानून है। (13 अगस्त 1997 का फैसला ↗)
सर्वोच्च न्यायालय, सिविल अपील संख्या 2482/2014 (फैसला 12 मई 2023)
अधिनियम के दस साल बाद सर्वोच्च न्यायालय ने पाया कि इसका पालन कमज़ोर है। उसने कहा: “It is disquieting to note that there are serious lapses in the enforcement of the Act even after such a long passage of time.” (पैरा 75)। फिर उसने सरकारों को निर्देश दिया कि वे जांचें कि समितियां मौजूद हैं और अधिनियम के अनुसार बनी हैं (पैरा 77)। (12 मई 2023 का फैसला ↗)
लोग POSH अधिनियम के बारे में क्या पूछते हैं?
मनस् नियोक्ताओं को अधिनियम का पालन करने में कैसे मदद करता है?
हम आंतरिक समिति (Internal Committee) बनवाते हैं और उसके रिकॉर्ड संभालते हैं: समिति का आदेश और नियुक्ति पत्र, POSH नीति, शिकायतों के लिए एक निजी ऑनलाइन पोर्टल, और समिति के अपने रजिस्टर से धारा 21 की वार्षिक रिपोर्ट। डॉ. प्रिया दुबे शर्मा, संस्थापक एवं परामर्श मनोवैज्ञानिक (Founder & Consulting Psychologist), हमारे ग्राहकों की समितियों में बाहरी सदस्य के रूप में काम करती हैं। यह कैसे होता है, यह हमारे POSH अनुपालन पेज पर देखें, या 2 मिनट की मुफ़्त समिति जांच करें। और जवाबों के लिए POSH FAQ पढ़ें।
यह पेज किन स्रोतों पर आधारित है?
- POSH अधिनियम, 2013: India Code पर आधिकारिक PDF (अधिनियम संख्या 14, वर्ष 2013) ↗
- India Code पर POSH अधिनियम (विधायी विभाग, भारत सरकार) ↗
- POSH नियम, 2013: भारत का राजपत्र, G.S.R. 769(E), 9 दिसंबर 2013 (सरकारी S3WaaS साइट पर स्कैन, PDF पृष्ठ 18 से 20) ↗
- Vishaka & Ors. v. State of Rajasthan & Ors., सर्वोच्च न्यायालय, 13 अगस्त 1997 ↗
- सर्वोच्च न्यायालय, सिविल अपील संख्या 2482/2014, फैसला 12 मई 2023 (Indian Kanoon) ↗
- अधिनियम और 2013 के नियम, Indian Kanoon पर (सुविधा के लिए प्रतियां) ↗
इन स्रोतों से अंतिम बार मिलान को किया गया। अधिनियम का पाठ हमारी टिप्पणी के साथ पुनः प्रस्तुत है (Copyright Act, 1957, s.52(1)(q)(ii)); राजपत्र के नियम और अदालती फैसले s.52(1)(q)(i) और (iv) के तहत। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। मनस् कोई विधि फर्म नहीं है।
पुस्तकालय में और पढ़ें:
- धारा 21: समिति की वार्षिक रिपोर्ट (हिंदी)
- धारा 22: नियोक्ता की वार्षिक रिपोर्ट (हिंदी)
- POSH नियम, 2013, नियम 14: वार्षिक रिपोर्ट (हिंदी)
- धारा 4: आंतरिक समिति (हिंदी)
- POSH Internal Committee FAQ: questions committee members ask (English)
- POSH glossary: key terms of the POSH Act and Rules (English)
- The POSH Act, 2013, explained section by section (English hub)
और देखें: Internal Committee FAQ · धारा 4 · धारा 21 · धारा 22 · POSH नियम 2013 · POSH glossary · POSH compliance · POSH FAQ · POSH in the Board’s Report · POSH (हिंदी)
क्या आप अपनी समिति पर दूसरी नज़र चाहते हैं?
मुफ़्त जांच करें, या मनु अनिरुद्ध शर्मा से बात करें, जो मनस् में POSH संबंधी पूछताछ संभालते हैं।
मनु अनिरुद्ध शर्मा · +91 95843 22224 · manu@manas365.com
अंतिम अद्यतन 21 अक्टूबर 2026 · पूरे भारत में ऑनलाइन और भोपाल स्थित हमारे सेंटर में सेवा · Manas Center for Mental Wellness and Counselling, Shop No. 1, HIG 379, H Sector, Ayodhya Nagar, Bhopal, Madhya Pradesh 462041
